कैम्ब्रिज की अध्ययन दर्शाती है कि बिटकॉइन माइनिंग की वार्षिक बिजली खपत बढ़कर 190 TWh हो गई है, और निम्न-कार्बन ऊर्जा का हिस्सा 59.4% तक पहुँच गया है

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बिटकॉइन की ताजा खबर: एक नया कैम्ब्रिज अध्ययन दर्शाता है कि जून 2024 और दिसंबर 2025 के बीच बिटकॉइन माइनिंग की वार्षिक बिजली खपत 138 TWh से बढ़कर 190 TWh हो गई। CO2 उत्सर्जन बढ़कर 48 मिलियन टन हो गया, जबकि कम कार्बन ऊर्जा का उपयोग 59.4% हो गया। हाइड्रोपावर अब बिटकॉइन माइनिंग के लिए सबसे बड़ा ऊर्जा स्रोत है। बिटकॉइन समाचारों के अनुसार, हरी ऊर्जा का हिस्सा पिछले अवधि में 52.4% से बढ़कर हुआ।

TheEnergyMag की रिपोर्ट के अनुसार, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के वैकल्पिक वित्त केंद्र (CCAF) के शोध निदेशक अलेक्जेंडर नॉयमूलर ने बताया कि जून 2024 से दिसंबर 2025 के बीच, बिटकॉइन माइनिंग की वार्षिक बिजली खपत 138 TWh से बढ़कर 190 TWh हो गई, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन 40 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड समकक्ष से बढ़कर 48 मिलियन टन हो गया, और निम्न कार्बन ऊर्जा का हिस्सा 52.4% से बढ़कर 59.4% हो गया, जिसमें जलविद्युत सबसे बड़ा एकल ऊर्जा स्रोत बन गया।

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