एंथ्रोपिक के हालिया खुलासे के अनुसार, क्लॉड ने अब कंपनी के उत्पादन पर्यावरण में जमा किए गए कोड का अधिकांश 80% उत्पन्न किया है, जो 2025 फरवरी में लॉन्च से पहले के इकहरे प्रतिशत से काफी अधिक है। इससे पता चलता है कि AI वास्तविक सॉफ्टवेयर विकास प्रक्रिया में गहराई से घुल रहा है।
कोड का हिस्सा आठ प्रतिशत से अधिक हो गया
कंपनी ने उजागर किया कि क्लॉड अब आंतरिक इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं में मुख्य कोड जनरेशन टूल है। यहाँ उत्पादन कोड का अर्थ है ऐसा कोड जो पहले ही मर्ज हो चुका है और वास्तविक उत्पादन वातावरण में चल रहा है, जिसमें परीक्षण चरण के ड्राफ्ट सामग्री शामिल नहीं हैं।
- वर्तमान उत्पादन कोड का अनुपात 80% से अधिक है
- प्रकाशन से पहले केवल इकाई संख्या का अनुपात था
- Comparison time point is around February 2025
लंबे समय तक के प्रोजेक्ट कार्यों को निरंतर रूप से संभाला जा सकता है
Anthropic ने यह भी बताया कि Claude अब तक 12 घंटे तक के सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कार्यों को पूरा कर सकता है। ऐसे कार्य अक्सर केवल कोड का पूरा करना ही नहीं होते, बल्कि डीबगिंग, संशोधन, परीक्षण और बहु-चरण सहयोग शामिल हो सकते हैं।
इसका अर्थ है कि मॉडल के उपयोग के स्थितियाँ छोटे समय के प्रश्नों और टुकड़ों के प्रोग्रामिंग से अधिक पूर्ण इंजीनियरिंग कार्य प्रक्रियाओं तक विस्तारित हो रही हैं।
कंपनी AI के भविष्य के विकास पर बात कर रही है
इस अपडेट में, Anthropic ने कई संभावित विकास परिदृश्यों की सूची बनाई है, जिसमें AI के विकास में धीमापन और AI का आपसी स्व-सुधार शामिल है, जिसमें AI प्रणालियाँ अगली पीढ़ी के AI के विकास में मदद करती हैं।
समर्थक मानते हैं कि इस तरह की क्षमता में वृद्धि से चिकित्सा, गणित और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों की प्रगति तेज हो सकती है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि यह अधिकतर प्रोग्रामिंग सहायता उपकरणों की निरंतर वृद्धि के समान है, और यह सामान्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लगभग प्राप्त होने का प्रमाण नहीं है।
अतिरिक्त जानकारी: लेख में उल्लिखित आंकड़े Anthropic द्वारा स्वयं प्रकाशित हैं और मुख्य रूप से उनकी आंतरिक विकास प्रक्रिया में उपयोग को दर्शाते हैं, जो स्वतंत्र तीसरे पक्ष के मापन परिणाम नहीं हैं।
