
Web2 से Web3 तक: डेटा सत्यापन के नए तरीके हमारी डिजिटल पहचान केवल हमारे वॉलेट तक सीमित नहीं है। हमारी X, GitHub और अन्य ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स पर गतिविधियाँ भी हमारी डिजिटल पहचान का हिस्सा हो सकती हैं। हालाँकि, Web3 में इस जानकारी का उपयोग करते समय एक प्रश्न उठता है: व्यक्तिगत डेटा को प्रकट किए बिना जानकारी की प्रामाणिकता कैसे साबित की जा सकती है? इसी पर @primus_labs अपनी zkTLS प्रौद्योगिकी के माध्यम से काम कर रहा है। सरल शब्दों में, एक उपयुक्त प्रणाली के साथ, किसी वेबसाइट से प्राप्त विशिष्ट जानकारी को सत्यापित करना संभव हो सकता है, जिससे पूरे खाते की जानकारी प्रकट करने की आवश्यकता कम हो जाती है। संभावित अनुप्रयोगों में शामिल हैं: 🔹 डिजिटल पहचान वेरिफ़िकेशन 🔹 ऑनलाइन गतिविधियों का सबूत 🔹 Web2 और Web3 के बीच संबंध 🔹 व्यक्तिगत डेटा की गोपनीयता की सुरक्षा मेरे विचार में, Web3 का भविष्य केवल डेटा का उपयोग करना ही नहीं, बल्कि डेटा को सुरक्षित ढंग से सत्यापित करना भी है। हालाँकि, इस प्रौद्योगिकी की प्रभावशीलता विशिष्ट एकीकरणों और उपयोग पर निर्भर करती है। जानें: https://t.co/tPQI1nMwRE
