
बाजारों की असली समस्या उच्च बॉन्ड ब्याज दरें नहीं, बल्कि यह हो सकती है कि ब्याज दरें गिरने पर भी लोग आराम नहीं कर पा रहे हैं। अमेरिका की 10-वर्षीय ब्याज दर घट रही है, लेकिन अगर बाजार इससे लाभ नहीं उठा पा रहे हैं, तो दो संभावनाएँ हैं: या तो ब्याज दरों पर दबाव कम हो रहा है, या फिर निवेशक जोखिम वाले संपत्तियों से भागकर बॉन्ड्स में शरण ले रहे हैं। एक स्थिति में आराम शुरू हो रहा है, दूसरी में डर बढ़ रहा है। इनके बीच का अंतर ब्याज दरें नहीं, बल्कि बाजारों की प्रतिक्रिया होगी।
