
IIT दिल्ली के 31 वर्षीय एमएससी फिजिक्स के छात्र ऋषिकेश कुमार ने कैंपस में कूदकर अपनी जान दे दी। इसके बाद से 500 से ज़्यादा छात्र 4 दिन से धरने पर बैठे हैं, जिनकी मांग इंडिपेंडेंट मेंटल हेल्थ सेल और निष्पक्ष जांच की है। भारी दबाव के बाद प्रशासन ने रिटायर्ड जज जस्टिस मुक्ता गुप्ता की अध्यक्षता में एक इंक्वायरी पैनल बनाया है। 31 साल की उम्र, IIT जैसी संस्था, और पीएचडी की पढ़ाई... क्या ये सिर्फ एक दुखद केस है या हमारे सिस्टम की भयानक विफलता?
