
CJP ने 5 सितंबर को दिल्ली में एक बड़े प्रोटेस्ट का ऐलान कर दिया है। उनका साफ कहना है कि न तो NEET पीड़ितों की FIRs वापस ली गईं और न ही उन्हें कोई मुआवज़ा मिला। 25 जुलाई को बड़े-बड़े वादे किए गए थे – 40,000+ FIRs दर्ज हुईं, 19 साल के साहिल की पैलेट गन से आँख चली गई – पर असल एक्शन कहाँ है? क्या ये 40,000+ FIRs सिर्फ एक डेटा बनकर रह गई हैं, जिन पर कोई फैसला नहीं होना? 5 सितंबर को CJP फिर से सड़कों पर उतरेगा।
