
विदेश मंत्री एस. जयशंकर मॉस्को में रूसी विदेश मंत्री लावरोव से मिल रहे हैं। उधर, NSA अजित डोभाल बीजिंग में वांग यी के साथ सीमा विवाद (border talks) पर चर्चा कर रहे हैं। एक तरफ रूस, तो दूसरी तरफ चीन। जब भारत एक ही समय में दुनिया की दोनों बड़ी ताकतों के साथ मेज पर बैठा हो – तो ये हमारा बैलेंसिंग एक्ट है या कोई बड़ा कूटनीतिक मास्टरस्ट्रोक?
