
CJP ने सरकार को 'विश्वासघात' की सीधी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि न तो FIRs वापस ली गईं, और न ही NEET पीड़ितों को कोई मुआवज़ा मिला। 19 साल के साहिल की एक आँख पैलेट गन (pellet gun) से चली गई, और पुलिस ने 7 घंटे बाद जाकर FIR दर्ज की। हज़ारों FIRs का डेटा सबके सामने है – लेकिन ग्राउंड पर असल एक्शन कहाँ है? सरकार ने बड़े-बड़े वादे तो किए थे – पर अब उन वादों के इम्प्लीमेंटेशन (implementation) का हिसाब कौन देगा?
